तकनीक से सशक्त न्याय, नवाचार से विकसित उत्तर प्रदेश डॉ राजेश्वर

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

‘टेक संगम 2026’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विज्ञान, तकनीक और भारतीय मनीषा के समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निर्णय प्रक्रिया को गति दे सकता है, लेकिन उसके विवेक पर पूर्ण निर्भरता उचित नहीं है। डीपफेक, पहचान की चोरी और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ी चुनौतियों के बीच सुरक्षित, विश्वसनीय और जनहितकारी तकनीकी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल एक फॉरेंसिक लैब होने से लेकर आज 12 क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब के तैयार होने और शेष 6 में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने तक की यात्रा, अपराधों की वैज्ञानिक जांच और समयबद्ध न्याय की दिशा में उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।

सरोजनीनगर स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय संवाद केवल तकनीकी विमर्श नहीं, बल्कि भविष्य की पुलिसिंग, न्याय व्यवस्था और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का अवसर है। इस अवसर पर डा.जी.के. गोस्वामी, श्री सुभाष रस्तोगी, श्री मनोरंजन मिश्रा और श्री उपेन्द्र गिरी जी के सहयोग से लिखी पुस्तक ‘एआई इन कंस्ट्रक्शन’ का विमोचन, ‘The Light of Bharat’ कृति भेंट किया जाना तथा ‘ LEXQ लैब’ की आधारशिला रखा जाना इस आयोजन के प्रमुख पड़ाव रहे।

गौरतलब है कि अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और साइबर अपराध पुलिसिंग के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। I4C के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतें वर्ष 2021 में 2.63 लाख से बढ़कर 2025 में 24.03 लाख हो गईं, जबकि रिपोर्ट की गई साइबर धोखाधड़ी की राशि 551 करोड़ से बढ़कर 22,495 करोड़ तक पहुँच गई। ऐसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर फॉरेंसिक डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण एवं अपराधों की जाँच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट को प्रदेश में फॉरेंसिक शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक अपराध जाँच के अग्रणी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है। सरोजनीनगर को ऐसे विश्वस्तरीय संस्थान और अंतरराष्ट्रीय संवाद की मेजबानी का अवसर मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

हमारा मानना है कि विज्ञान, क्वांटम तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वास्तविक उद्देश्य मानव कल्याण, नागरिक अधिकारों की रक्षा और न्याय को अधिक सुलभ बनाना होना चाहिए। ऐसे आयोजन सरोजनीनगर को ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सार्थक कदम हैं। इस कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश शासन, श्री संजय प्रसाद जी, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, श्री राजीव कृष्ण जी, महानिदेशक, रक्षा साइबर एजेंसी, भारत सरकार श्री संजय सचदेवा जी, सदस्य, नीति आयोग, भारत सरकार, प्रो. अभय करंदीकर जी, अध्यक्ष, इंडियानापोलिस विश्वविद्यालय, अमेरिका, डॉ. तनुजा सिंह जी, डॉ.जी.के. गोस्वामी जी निदेशक, यूपीएसआईएफएस, लखनऊ

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