डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया : डॉ. अर्चना गुप्ता

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

पानीपत, 23 जून। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने आज पानीपत के काला आम मंडल में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने थे। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी कोलकाता उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित न्यायाधीश थे।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में उन्हें उद्योग मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया था। लेकिन जब नेहरू और लियाकत अली खान के बीच हुए समझौते का प्रभाव देशहित के विपरीत दिखाई दिया, तब उन्होंने सिद्धांतों से समझौता न करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्पष्ट मत था कि “एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे।” बंगाल में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने संकीर्ण क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर पूरे राष्ट्र की एकता के लिए संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का आंदोलन प्रारंभ किया।

उन्होंने बताया कि उस समय जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के लिए दूसरे राज्यों के नागरिकों को परमिट लेना अनिवार्य था। इस व्यवस्था का विरोध करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर पहुंचे, जहां तत्कालीन सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। जेल में रहते हुए जिन परिस्थितियों में उनका निधन हुआ, वह आज भी देश के इतिहास का एक रहस्यमय और संवेदनशील अध्याय माना जाता है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री के भाई हरपाल ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देश को अनेक महान राष्ट्रभक्त और त्यागी व्यक्तित्व दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी, जो पहले भारतीय जनसंघ के रूप में कार्यरत थी, उसके संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पश्चात जनसंघ के अध्यक्ष बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भी देशविरोधी शक्तियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसलिए हमें अपने पूर्वजों के बलिदान को सदैव स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को साकार करते हुए धारा 370 को समाप्त किया है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से काला आम मंडल अध्यक्ष गुरुदेव कुमार, मंडल महामंत्री दीपक गोयल, भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रमुख डॉ. राजबीर आर्य, संजीव कालीरमन, नगर निगम पार्षद सोनू संधू, सर्वेश शर्मा, काकू मालिक, मास्टर अमित,सविता, निधि जुनेजा, उषा सैनी,कोमल शर्मा, परवीन सैनी, प्रमोद शर्मा, संजय जैन,मेहर चन्द्र जांगड़ा, जॉनी रिसालू, कंवल सिंह, विक्की कात्याल, हरबीर जगलान, जोगिंदर कुमार, जसमैर फोर, अजय पाल, सुमित गर्ग, रामू गुर्जर, बिल्लू निंबरी, संदीप सांगवान, अंजलि धीमान, नवीन गर्ग,सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *