यूपी लाइव न्यूज़ 24उत्तर प्रदेश
भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार एक मजबूर और बेबस कलाकार की प्रतिभा का दुरुपयोग अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया वो बेहद निंदनीय है। सबको मालूम है कि कुछ दिनों पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ आगमन पर, उनके रथ के आगे एक कलाकार को हनुमान जी के रूप में नृत्य करवाया गया था। जिससे संपूर्ण विश्व के बजरंगबली जी के उपासकों में आज तक गहरा आक्रोश है।
इसमें किसी ग़रीब कलाकार का कोई दोष नहीं है क्योंकि भाजपा सरकार में कलाकारों के लिए कोई स्थान नहीं है, इसीलिए वो अपने परिवार को चलाने के लिए विवश हैं। नकारात्मक भाजपाई सदैव सृजनात्मकता के विरोधी रहे हैं क्योंकि सृजनात्मकता रूढ़ियों और रूढ़िवादिता के विरुध्द ही अपना नया रास्ता निकालती है, जो भाजपा की पुरातनपंथी-दक़ियानूसी सोच को तनिक भी रास नहीं आता है क्योंकि उनके अंदर रचनात्मकता की अभिव्यक्ति से ‘सत्ता विरोधी लहर’ के और भी बलवती होने का डर समाया रहता है। इसीलिए चाहे साहित्यकार हो, ईमानदार पत्रकार हो या कोई भी कलाकार, ये भाजपाई और उनके संगी-साथी चाहते ही नहीं हैं कि वो मुखर हो या उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को किसी भी तरह का कोई मंच मिले। अगर भाजपाई कलाकारों को कभी मौका देते भी हैं तो अपने सम्मान के लिए, न कि कलाकारों के सम्मान के लिए।
आज हम सबने मिलकर आर्थिक तंगी झेल रहे कलाकार की सहायता की और आगे भी करेंगे जिससे वो अपने परिवार में चल रही बीमारी और बदहाली का सामना कर सके।
‘कलात्मकता’ मानवता का परिष्कार करती है। कला सहिष्णुता, सद्भाव, सौहार्द, समानता बढ़ाती है, इसीलिए जो लोग बंटवारे की नकारात्मक राजनीति करते हैं वो कलाकारों के विरोधी होते हैं।
आज हम हर कलाकार से वादा करते हैं कि जिस प्रकार हमने अपनी सरकार के दौरान कलाकारों को हर तरह से मान-सम्मान और आर्थिक सहयोग किया था, नई सरकार के आने पर भी रचनात्मकता की उस स्वस्थ परंपरा को और भी आगे बढ़ाएँगे और उप्र से संबद्ध विशेष प्रतिभावानों के सामाजिक योगदान को ‘यश भारती सम्मान’ व 1 लाख रूपये प्रतिमाह देकर उनका आजीवन अभिनन्दन करेंगे।