यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
शिक्षा के पवित्र मंदिर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने का योगी सरकार का तानाशाही आदेश बेहद निंदनीय है और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार की इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को बेनकाब किया है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुए बड़े चढ़ावा और जमीन घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा सरकार जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के तहत इस शिक्षण संस्थान को निशाना बना रही है। यह सरकार की बदनीयती को साफ दर्शाता है कि कैसे पंद्रह तारीख को सुबह सुनवाई होती है और मात्र कुछ ही घंटों के भीतर शाम तक सत्रह पन्नों का विध्वंस आदेश आनन-फानन में पारित कर दिया जाता है।
अजय राय ने यह भी बताया कि जब 2005 में यह यूनिवर्सिटी बनी थी, तब वह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में आता ही नहीं था और जिसे 2024 में शामिल किया गया, उसके बीस साल पुराने भवनों का नक्शा पास न होने का बहाना बनाना सरासर नाइंसाफी है। अगर सरकार को किसी व्यक्ति विशेष से राजनीतिक चिढ़ है, तो वह बच्चों का भविष्य बर्बाद करने के बजाय कानूनन इस यूनिवर्सिटी का अधिग्रहण कर खुद इसका संचालन करे, क्योंकि यहां 75 प्रतिशत हिंदू छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और सैकड़ों शिक्षकों की आजीविका इससे जुड़ी है।
कांग्रेस पार्टी चेतावनी देती है कि असली ‘चढ़ावा चोरों’ को जेल भेजने के बजाय अगर शिक्षा के इस मंदिर को गिराने की कोशिश की गई, तो सड़कों पर उतरकर इस दमनात्मक कार्रवाई का पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।
इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह चेयरपर्सन-उ.प्र. कांग्रेस मीडिया विभाग श्री सी.पी. राय प्रवक्ता श्री अंशु अवस्थी, मीडिया प्रवक्ता उमाशंकर समेत अन्य वरिष्ठ कांग्रेस जन उपस्थित रहे।