यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को भर-भर कर हाइवे और एक्सप्रेस-वे मिल रहा है. इसी बीच मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित एडवांस ‘एक्सेस कंट्रोल हाईवे’ के निर्माण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कमर कस ली है. 21 गांवों की कुल 189 हेक्टेयर जमीन खरीदने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है. इस संबंध में एनएचएआई ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (SLO) को आधिकारिक तौर पर प्रस्ताव भेज दिया है, और अब बस धारा 3-ए के तहत अधिसूचना (Notification) जारी होने का इंतजार किया जा रहा है.
अधिसूचना जारी होते ही प्रभावित होने वाले जमीन मालिकों से नियमानुसार आपत्तियां मांगी जाएंगी. आपत्तियों के त्वरित निस्तारण के बाद मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान पारंपरिक तरीके से बैनामा कराने की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जैसे ही मुआवजा राशि तय होकर वितरित होगी, संबंधित जमीन स्वतः ही राष्ट्रीय राजमार्ग की संपत्ति घोषित हो जाएगी. एनएचएआई का मुख्य लक्ष्य अगले तीन महीनों के भीतर प्रभावित भूमि का अवार्ड घोषित कर सीधे किसानों के बैंक खातों में मुआवजा पहुंचाना है. अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए प्रत्येक भू-स्वामी की सहमति अनिवार्य नहीं होगी, बल्कि नियमानुसार भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.
189 हेक्टेयर भूमि को होगा अधिग्रहण
मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सिस कंट्रोल हाईवे के लिए कुल 189 हेक्टेयर भूमि का यह अधिग्रहण जिले की दो प्रमुख तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 21 गांवों में किया जाएगा. इनमें मुरादाबाद सदर तहसील के 4 और बिलारी तहसील के 17 गांव शामिल हैं. सदर तहसील के अंतर्गत गजगोला नानकबाड़ी, उमरी, गिन्नौर देह माफी और खुद कस्बा मुरादाबाद की जमीन इस प्रोजेक्ट की जद में आ रही है. वहीं, बिलारी तहसील के रतनपुर कलां, मालीपुर, करीमपुर जब्ती, रसूलपुर हमीर, जाफरपुर, लालपुर गंगवारी, फत्तेहपुर खास, मलकपुर, अजमतपुर, ललवारा, कुतुबपुर रायब, खुर्रमनगर बिचौला, मदारपुरा, नौसना शेखूपुर, अल्लापुर भीकन और बघी गोबरधनपुर सहित अन्य गांवों की जमीन भी अधिग्रहित की जाएगी.
अभी जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
प्रशासन ने इन सभी चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस हाईवे की कुल लंबाई करीब 148.5 किलोमीटर होगी. मुरादाबाद में यह हाईवे दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाकबड़ा से पहले बने सीएनजी पंप के पास से शुरू होकर रिंग रोड से जुड़ेगा. इसके बाद यह कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र और संभल के सिरसी क्षेत्र से होते हुए बुलंदशहर की ओर बढ़ेगा और अंत में अलीगढ़ रिंग रोड से जोड़ दिया जाएगा. इसे उत्तर प्रदेश के चर्चित गंगा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर पूरी तरह प्रवेश नियंत्रित (Access Controlled) बनाया जाएगा.
क्या है इसमें खास
इस आधुनिक हाईवे की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इस पर किसी भी सीधे मकान, दुकान या गांव के रास्ते से प्रवेश नहीं मिल सकेगा. वाहनों को चढ़ने और उतरने के लिए केवल निर्धारित इंटरचेंज का ही इस्तेमाल करना होगा. सुरक्षा कारणों से इस हाईवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. एनएचएआई के परियोजना निदेशक (PD) अरविंद कुमार ने बताया कि धारा 3-ए की अधिसूचना के बाद आपत्तियों का निस्तारण करके अवार्ड घोषित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच सफर का समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को एक तेज, सुरक्षित और निर्बाध यातायात का नया विकल्प मिल सकेगा