दरवाजे पर दस्‍तक दे रही दो तबाही, अल-नीनो पहले से एक्टिव, अब चक्रवात का खतरा

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

भारत के विभिन्‍न हिस्‍सों में मौसम का तेवर लगातार बदल रहा है. दिल्‍ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में सूरज का तेवर थोड़ नरम हुआ है. वहीं, समंदर के गर्भ में पल रहा राक्षस लगातार सिर उठा रहा है. मौसम विज्ञानियों की मानें तो भारत पर इस समय दो मौसमी खतरा है – पहला अल-नीनो और दूसरा चक्रवात अर्नब (Arnab Cyclone). मौसम विज्ञानी पहले ही प्रशांत महासागर में अल-नीनो के ऐतिहासिक रूप से मजबूत होने की चेतावनी दे चुके हैं. इससे सूखा और अकाल जैसे हालात बनने की आशंका बेहद प्रबल है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना निम्‍न दबाव का क्षेत्र लगातार स्‍ट्रॉन्‍ग होता जा रहा है. यदि यह डीप डिप्रेशन में तब्‍दील होता है तो भारत के तटवर्ती राज्‍यों और उसकी सीमा से जुड़े अन्‍य प्रदेश ‘अर्नब चक्रवात’ की चपेट में आ सकते हैं. यह नाम बांग्‍लादेश की ओर से सुझाया गया है. हालांकि, अभी यह कहना जल्‍दबाजी है कि बंगाल की खाड़ी में मची हलचल चक्रवात का रूप धारण करेगी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लो प्रेशर एरिया के और मजबूत होने के चलते कई राज्‍यों में अधिकतम 75 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है.

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में अगले 5 से 6 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों में और मजबूत होगा. इसके 21 सितंबर को डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने इस सिस्टम के कारण दक्षिण ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी 24 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर, दक्षिण ओडिशा में 22 से 25 सितंबर, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर तथा विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

तेजी से मजबूत हो रहा नया वेदर सिस्‍टम
IMD के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 19 सितंबर की शाम 5:30 बजे निम्न दबाव क्षेत्र बना था. 20 सितंबर सुबह 8:30 बजे यह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर के ऊपर स्थित था. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे मजबूत होगा. 21 सितंबर को इसके डिप्रेशन में बदलने और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है. इसके बाद 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है. दक्षिण और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

ओडिशा और आंध्र में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग ने दक्षिण ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने की चेतावनी दी है. दोनों क्षेत्रों में 23 और 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. ओडिशा में 23-24 सितंबर को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में भी 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. 23 सितंबर को दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर भी 23 से 24 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी भारी बारिश
मध्य भारत में भी इस सिस्टम का व्यापक असर दिखाई देगा. छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है. 23 से 25 सितंबर के बीच यहां बहुत भारी बारिश हो सकती है. खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है. तेलंगाना में 21 से 26 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. 23 से 25 सितंबर के दौरान तेलंगाना में बहुत भारी बारिश हो सकती है. 23 से 25 सितंबर के दौरान गरज के साथ तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है. मौसम विभाग ने इस दौरान 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और झोकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं की चेतावनी दी है. विदर्भ में 21 से 26 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है. 24 और 25 सितंबर को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी 23 से 26 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि 25 और 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है.

पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में झमाझम
20 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. इन इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हुई. वहीं ओडिशा, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, असम, नगालैंड और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 22 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रह सकती है. तमिलनाडु में 20 सितंबर को बहुत भारी और 21 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी 20 और 24 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है.

बंगाल, झारखंड और बिहार में भी बारिश
पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 से 26 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है. झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 22 से 26 सितंबर के दौरान बारिश बढ़ सकती है. बिहार में 24 से 26 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है. गंगीय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार में 24 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में 21-22 सितंबर और गंगीय पश्चिम बंगाल में 22-25 सितंबर के दौरान बिजली गिरने की गतिविधियां भी तेज हो सकती हैं.

उत्‍तर प्रदेश से महाराष्‍ट्र तक में बरसेंगे बदरा
उत्तर-पश्चिम भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25-26 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24-26 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट बारिश और गरज-चमक हो सकती है. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 20 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई है. 22-23 सितंबर को यहां भारी बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र में भी 21 से 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अगले कुछ दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.

मानसून की वापसी भी शुरू
इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला भी जारी है. 19 सितंबर को मानसून की वापसी की रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी, खाजूवाला तक पहुंच गई थी. IMD के अनुसार अगले 2-3 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों, पंजाब के कुछ हिस्सों तथा सौराष्ट्र और कच्छ से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बन रहा सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकता है. इसके चलते एक तरफ पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में मानसून की वापसी आगे बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ समेत कई राज्यों में बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है.

समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की चेतावनी
समुद्री क्षेत्रों के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. 21 सितंबर को हवाओं की गति 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे और झोकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 23-24 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. इस दौरान समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रह सकती है. खासकर उत्तर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के पास 24 सितंबर तक समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है.

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